ज्योतिष शास्त्र प्रशंशा

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ज्योतिष शास्त्र प्रशंशा :-
ज्योतिष शास्त्र किसी धर्म और किसी जाती विशेष के आधीन कार्य नहीं करता है ,जिस प्रकार चिकित्सा शास्त्र समस्त प्राणिओ का बिना उनके धर्म और जाती विशेष का महत्व न रखते हुए सबका कल्याण करता है -उसी प्रकार ज्योतिष शास्त्र को किसी धर्म या किसी जाती से कोई प्रयोजन नहीं रहता है और एक शुद्ध ज्ञान विज्ञान और शास्त्र द्वारा मानव जाती का कल्याण करता है ! विज्ञान के नियम सबके लिए सामान होते हैं भले ही वह किसी भी धर्म या जाती से क्यों न सम्बन्ध रखता हो -ज्योतिष शास्त्र भी दैवीय शास्त्र-ज्ञान -और विज्ञान है और समस्त बह्रामंड की वस्तु तथा वस्तु १२ राशि २७ नक्षत्र और ९ गृह के अधीन कार्य करती हैं !
(अमित कौशिक)
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